किरेन रीजीजू ने सिंगापुर में गठित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक को किया सम्बोधन


नई दिल्ली: राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा विदेश मंत्रालय के सहयोग से पहली बार सिंगापुर में गठित की गई नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आज आयोजित की गई। इस अवसर पर राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी के विदेशों में प्रचार -प्रसार के लिए  अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।   इस बैठक और संगोष्ठी के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रीजीजू थे। इसमें गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और सिंगापुर सरकार के दूतावासों /कार्यालयों और बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


विदेशों में स्थित भारत सरकार के कार्यालयों बैंकों आदि के राजकीय कामकाज में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने तथा अंतरराष्ट्रीय  पटल पर हिंदी का प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से विदेशों में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन किया गया है और इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों के आयोजन की व्यवस्था की गई है जो राजभाषा विभाग की नई पहल है।  भविष्य में अन्य देशों में भी नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों का गठन किया जाएगा।   किरेन रीजीजू ने  इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है जब पहली बार राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी के प्रचार- प्रसार के लिए सिंगापुर में संगोष्ठी की जा रही है और साथ ही साथ नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजभाषा विभाग की यह पहल और विस्तार लेगी और विदेशों में हिंदी के प्रचार- प्रसार के काम को बल देगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की पहचान इस बात से होती है कि उसने अपनी भाषा को किस सीमा तक मजबूत व्यापक और समृद्ध बनाया है । उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा को सम्‍मान के साथ प्रयोग मे लाना चाहिए।  किरेन रीजीजू ने भारत की विकास गाथा में एक वैश्विक भाषा के रूप में हिंदी का महत्व स्वीकार करते हुए कहा कि इसे और व्यापक स्वरूप प्रदान किया जाना समय की मांग है । 


इस अवसर पर  किरेन रीजीजू के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए  सिंगापुर में भारत के उच्‍चायुक्‍त श्री जावेद अशरफ ने बताया कि सिंगापुर में काफी कार्य हिंदी में किया जाता है और यह प्रसन्नता की बात है कि ‍सिंगापुर के स्‍कूलों एवं विश्‍वविद्यालय में हिंदी का अध्‍यापन कार्य हो रहा है जिसमें बडी संख्‍या में छात्र हिंदी भाषा का अध्‍ययन कर रहे हैं।  


शैलेश, सचिव, राजभाषा विभाग ने सिंगापुर स्थित भारत सरकार के दूतावास/ कार्यालयों/ बैंकों के प्रतिनिधियों से अपना अधिकाधिक सरकारी कार्य हिंदी में करने का आह्वान किया ताकि विदेशों में भी हिंदी कार्यान्वयन की गति को बढ़ाया जा सके। डॉ बिपिन बिहारी, संयुक्त सचिव, राजभाषा विभाग ने बैठक के दौरान पूर्ण तकनीकी सत्र संचालित किया और अपनी प्रस्तुतियों ‘राजभाषा नीति’ तथा ‘प्रौद्योगिकी के माध्यम से हिंदी का विकास’ के माध्यम से विभाग के नवोन्मेषी कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसे प्रतिभागियों ने काफी रोचक और सिंगापुर के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने विदेशों में राजभाषा नीति की विस्तृत जानकारी देते हुए इसके सुगम कार्यान्वयन के लिए कारगर उपाय सुझाए।  हिंदी के प्रयोग एवं कार्यन्वयन के विषय में उन्होंने राजभाषा द्वारा विकसित ई टूल्ज’ कंठस्थ’ एवं ‘लीला हिंदी प्रवाह’ के बारे में भी जानकारी दी।


सिंगापुर में हिंदी के प्रचार प्रसार से जुड़ी संस्थाओं/ संगठनों के प्रतिष्ठित विद्वान और लेखकों ने इस अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से मुलाकात की। राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय भारत सरकार ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए सभी प्रतिभागियों, राजभाषा विभाग से जुड़े कार्मिकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।