शासनादेश के बाद धनगर जाति के प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग


हाथरस (उत्तर प्रदेश) धनगर समाज के लोगों का कहना है कि विगत 24 जनवरी को शासनादेश जारी होने के बावजूद भी अधिकारी प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं। जबकि शासनादेश में स्पष्ट रूप से प्रमाण पत्र बनाए जाने के निर्देश हैं। गौरतलब है कि जलेसर में धनगर समाज का महा सम्मेलन आयोजित होने के बाद जब यह बात फैली कि शासनादेश जारी हो चुका है और चुनाव से पहले प्रमाण पत्र निर्गत होने शुरू हो जाएंगे। इसके बाद प्रमाण पत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदनों की झड़ी लग गई। लेकिन तहसीलों में एसडीएम तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी आगे की कार्रवाई नहीं कर रहे थे। उनका कहना था कि उन्हें अभी तक शासनादेश की कापी नहीं मिली है।


सादाबाद में धनगर समाज के लोगों को प्रमाण पत्र जारी न किए जाने को लेकर शनिवार को राष्ट्रीय धनगर महासभा के जिलाध्यक्ष पदम सिंह ने तहसीलदार टीपी सिंह से मुलाकात की और उन्हें प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में शासन द्वारा जारी शासनादेश के संबंध में जानकारी दी। जिलाध्यक्ष पदम सिंह ने बताया कि अब तो शासन स्तर से धनगर समाज के लोगों को प्रमाण पत्र जारी करने का शासनादेश भी जारी हो गया है, इसलिए जल्द ही समाज के लोगों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। तहसीलदार टीपी सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में सोमवार को लेखपालों की बैठक की जाएगी, जिसमें उचित दिशा निर्देश प्रदान किए जाने के बाद प्रमाण पत्र जारी करवाने का काम शुरू किया जाएगा। इस मौके पर दिनेश धनगर, राजेश धनगर, घनश्याम बघेल, हरीशचंद्र, रोहताश सिंह, विकास धनगर, राजपाल सिंह, माधौ सिंह, संजय सिंह, राकेश बघेल, दिनेश कुमार, सतीशचंद्र, सोनू कुमार, सत्यवीर सिंह, जमुना प्रसाद, थान सिंह, वीरनारायण सिंह, मंगल सिंह आदि थे।